‘प्रेम’ कहने को एक भाव है लेकिन इस भाव के इतने अनगिनत रंग हैं कि दुनिया के सारे लेखक उन रंगों पर लगातार कहानियाँ लिखें तो भी वे पूरे ना हो पाएँ... मैंने प्रेम के कुछ चुनिंदा रंगों की स्याही में अपनी लेखनी डुबो कर चंद प्नेम कहानियाँ लिखी हैं जिनमें से चौदह प्रेम कहानियाँ इस संकलन में प्रस्तुत कर रही हूँ। उम्मीद करती हूँ पाठकों को पसंद आएगी।