मैं, रमेश शर्मा आप के पठनीय मनोरंजन के लिए अपनी बाईसवीं रचना “सोलह साल बाद” के साथ आप के सामने फिर से प्रस्तुत हूँ। मेरी सभी पूर्व-प्रकाशित, इक्कीस रचनाओं की सूचि इस उपन्यास के अंत में दी गई है।
रहस्य और रोमांच की घटनाओं से भरपूर उपन्यास “सोलह साल बाद” एक ऐसी अनोखी और तेज गति की कहानी है जिसे आप बीच में पढ़ना ना छोड़ कर एक ही बैठक में पढ़ना पसंद करेंगे।
जैसे जैसे आप इस कहानी को पढ़ते जाएंगे, रहस्य और रोमांच में खोते चले जाएंगे और अंत में जब अपराधी बेनकाब होता है, आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे।
ये कहानी शुरू होती है एक गरीब लड़की के अपहरण से और आगे चल कर ये मामूली केस कैसे एक गैरमामूली केस में तब्दील होता है, ये आप को इस उपन्यास को पढ़ कर ही पता चलेगा। केवल रहस्य और रोमां