शहर में कोई था जो अमीर लड़कियों पर हमला कर रहा था। यह हमला अक्सर जवाहर रोड के इलाके में हो रहा था। वहीं जवाहर रोड के इलाके में मौजूद एक कोठी में प्रेतात्मा का साया बताया जा रहा था। आखिर लड़कियों पर हमला क्यों किया जा रहा था? कोठी पर किसका साया था?
लड़कियों का हंगामा' लेखक एस सी बेदी का लिखा राजन- इकबाल श्रृंखला की एक उपन्यासिका है। पुस्तक के कथानक के केंद्र में दो मामले हैं जिनसे इस बार राजन और उसकी टीम जूझती हुई दिखती हैं। राजन इकबाल का यह कारनामा मुझे औसत से कमतर ही लगा। हाँ, नफीस और इकबाल कुछ जगहों पर मनोरंजन करने में सफल होते हैं और कुछ प्रसंग जैसे मौत की झोपड़ी वाला प्रसंग भी रोचक थे। इसके पीछे का विचार रोचक था लेकिन उसे ठीक तरह क्रियान्वित करने की जरूरत थी। विस्तृत विचार निम्न लिंक पर: लड़कियों का हंगामा