"वानखेड़े !" देवराज चौहान सर्द स्वर में कह उठा--- "ये कानून का मुजरिम बाद में है। पहले मेरा है। इसने मेरे मामले में धोखे से दखल दिया। जिस दौलत पर मेरा और मेरे साथियों का हक था, उसे ले गया। बलात्कार और हत्या का जुर्म मेरे सिर पर लगा दिया। मेरे दो साथियों को मार दिया। अपने को बेगुनाह साबित करने के लिये, मैंने कितनी भाग-दौड़ की, इसके गवाह तुम हो । इसलिए मुझे फंसाने में कोई कसर नहीं छोड़ी-।" "क्या कहना चाहते हो ?" वानखेड़े की आंखें सिकुड़ी। अगले ही पल देवराज चौहान के हाथ में रिवाल्वर नजर आने लगी । "ये क्या कर रहे हो ?" तेज स्वर में कहते हुए वानखेड़े ने आगे बढ़ना चाहा । तभी जगमोहन ने रिवाल्वर निकाली और वानखेड़े की तरफ कर दी । वानखेड़े ने खा जाने वाली निगाहों से, जगमोहन को देखा । "इसे कानून के ह&#
इस कहानी को 2021 में relate नहीं कर पाया, अगर 20-25 साल पहले का समय होता तो पक्का सुपरहिट किताब होती. ऊपर से मैंने विलन पहले ही predict कर लिया था फिर भी अनिल जी के fans पढ़ सकते हैँ.