1. 21वीं सदी का पहला दशक: गरीबों की बेदखली2. पच्चीस प्रतिशत गरीब बच्चों को शिक्षा या कुंठा3. यह फैसला पिछड़े वर्ग के लिए घातक होगा4. अंधविश्वास और मीडिया की दायित्वहीनता5. असमानता की चौड़ी होती खाई६. सपने जो खुदकुशी तक ले जाते हैं7. भाषा की कुलीनता, दासता की संस्कृति को जिंदा रखती है8. भेदभाव का नया हथियार 9. भूमि और भूख की गहराती समस्या10. जाति के दलदल में कैम्पस11. समाज की बौद्धिकता और लोकतंत्र का भविष्य12. चुनावों में लोक या धन-बल ? 13. अब कॉर्पोरेट फार्मिंग की वकालत14. दलितों और अल्पसंख्यकों पर जुल्म बढ़ रहे हैं15. गांव में बलात्कार रोकने के लिए गांव की सामाजिक संरचना को बदलना होगा16.