वीभत्स कहानी है व्यापम जैसे संगठित एजुकेशन माफिया को दफन करने की। केन्द्र और राज्य में सत्ताधारी पार्टी के कद्दावर नेता से मुखौटा हटाने की, जिसकी विकृत वासना ने अनेक घरों के चिराग बुझा दिए। जब एक शक्तिशाली नेता के सामने घरबार-दुनिया का ठुकराया एक गुमनाम वैरागी अतीत के हथियार थाम खड़ा हो जाता है, तब शुरू होता है भीषण रण।