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प्रेतकुंड के नीचे

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कुमार लव के पिछले संग्रह के बारे में: कविता में प्रयोगों की लाक्षणिकता के गहरे अर्थ खोजने हों, तो कुमार लव की कविताएँ पढ़नी चाहिए| अब तक पाँच-सौ से भी अधिक कविताएँ रचने वाले हिंदी के इस युवा रचनाकार के सरोकार वर्त्तमान की अत्यधिक भयावह और उससे भी अधिक जटिल परिस्थितियों से संबंध रखते हैं| विज्ञान, इतिहास, सौंदर्यशास्त्र, मिथकीय दुनिया, अदृश्य मनोमंथन और किशोर रोमानियत के अंतर्द्वंद्व के मिश्रण से कुमार लव अपनी कविता का कच्चा माल तैयार करते हैं| विचार से विचारहीनता की ओर तेज़ी से बढती दुनिया तथा संस्कृति से पाठ तक का मृत्योत्सव मनाने को हर पल तैयार आदमी के भीतर भी अपने खोते जाने की आशंका भर से जो दर्द का राक्षस चीखता-चिल्लाता रहता है, उसे पहचानने की बेचैनी इस कवि के रचना-संसार में अनु&#

42 pages, Kindle Edition

Published September 21, 2020

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Kumar Luv

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