एक छोटे से शहर दाबुवा का रहने वाला रितेश, पहली बार महानगरी दिल्ली में कदम रखता है | अनजान शहर में अकेलेपन की समस्या से जूझ रहे रितेश की मुलाकात विनोद से होती है | विनोद और रितेश दोनों एक ही फ्लेट में रहते हैं | विनोद जैसा दोस्त पाकर, रितेश को ऐसा लगता है जैसे उसे अजनबी शहर में कोई अपना मिल गया हो | मगर, बहुत जल्द ही रितेश, विनोद के बर्ताव में ऐसा अजीब सा कुछ महसूस करता है जो औरों से बिलकुल अलग है | विनोद में एक ऐसी दिव्य शक्ति थी जो उन्हें आम इंसानों से अलग बनाती थी | मगर, रितेश को क्या पता था की विनोद की यही दिव्य शक्ति, एक दिन, उसके जीवन में बड़ा भयंकर तूफ़ान खड़ा कर देगी | आखिर, विनोद में ऐसी क्या दिव्य शक्ति थी ? और उस शक्ति ने कैसे रितेश के जीवन को झकझोरकर रख दिया ?