अभिव्यक्ति का माध्यम शब्द हैं। लेकिन वह अभिव्यक्ति जो लबों की दहलीज़ तक आकर ठहर जाती है, वही रुके शब्द बना लेते हैं जगह, मन में, मस्तिष्क में, जीवन में और कहलाते हैं 'अनकहे शब्द'।
ये 'अनकहे शब्द' कभी सुकून का मरहम बनते हैं, कभी रिसते टपकते घाव की टीस, कभी ऊर्जा का स्रोत, कभी जीवन की सीख। इसलिए हर हृदय के लिए अनमोल होते हैं ये 'अनकहे शब्द'।
ऐसे ही अनकहे शब्दों को एक माला में पिरो कर, आपके समक्ष प्रस्तुत करने का एक प्रयास है यह अखिल भारतीय साझा काव्य संग्रह 'अनकहे शब्द'।
अभिव्यक्ति का माध्यम शब्द हैं। लेकिन वह अभिव्यक्ति जो लबों की दहलीज़ तक आकर ठहर जाती है, वही रुके शब्द बना लेते हैं जगह, मन में, मस्तिष्क में, जीवन में और कहलाते हैं 'अनकहे शब्द'।
ये 'अनकहे शब्द' कभी सुकून का मरहम बनते हैं, कभी रिसते टपकते घाव की टीस, कभी ऊर्जा का स्रोत, कभी जीवन की सीख। इसलिए हर हृदय के लिए अनमोल होते हैं ये 'अनकहे शब्द'।
ऐसे ही अनकहे शब्दों को एक माला में पिरो कर, आपके समक्ष प्रस्तुत करने का एक प्रयास है यह अखिल भारतीय साझा काव्य संग्रह 'अनकहे शब्द'। #monikasharma