निळावंती महाराष्ट्र की एक प्राचीन लोककथा है। प्राचीन काल से मनुष्य को यह प्रश्न उठता है की क्या पशु-पक्षीयो की भाषा को समझा जा सकता है। अगर समझा जा सकता है तो वे क्या कहते है? उन्हे विरासत मे कौनसे रहस्य प्राप्त हुये है? उन्हे इस जगत के बारे मे क्या क्या पता है? यह कहानी इन प्रश्नो के उत्तर तो नही देती किंतु कुछ रहस्यो के उपर से पर्दा अवश्य हटाती है।