पेशेवर बक्सर गनपत में वे तमाम खूबियां थीं जो एक बाक्सिंग चैंपियन में होनी चाहिए। वह चैंपियन बनने का बेहद ख़्वाहिशमंद भी था। लेकिन वह जानता था- बाक्सिंग, रेसलिंग और हार्स रेसेज का गेम्बलिंग रैकेट चलाने वाले हरगिज उसे चैम्पियन नहीं बनने देंगे। उनकी निगाहों में वह वफादार और भरोसेमंद नहीं रहा था।फिर भी उसने रिस्क लेने का फैसला कर लिया।वह थंडर के रिपोर्टर अजय कुमार से मिला। खुलकर सब कुछ बताने के बाद एक सीलबंद लिफाफा उसे सौंप दिया। जिसमें उसके हल्फिया बयान के साथ गेम्बलिंग रैकेट और उसे चलाने वालों का पूरा कच्चा चिट्ठा मौजूद था। साथ ही वादा लिया उसे कुछ भी जो जाने की सूरत में उस मसाले को थंडर में छपवा देगा।अजय को उम्मीद नहीं थी की गनपत के साथ कोई हादसा होगा। उसने लिफाफा उसी के सामने अपन&