श्रीद्भगवत गीता महाभारत का एक अंश हैं, जिसमें भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच संवाद के माध्यम से जीवन से जुड़े गूढ़ तत्व का चिंतन प्रश्नोत्तरी के माध्यम से किया गया हैं|कहीं-कहीं पर पाठकों से लेखक की मतभिन्नता हो सकती हैं लेकिन कथानक को मूल स्वरूप में रखते हुए मैंने व्यक्तिगत दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी हैं आशा हैं आप इसे अपनी आस्था से न जोड़ कर एक व्यक्तिगत प्रयास मानेंगे I