चारों बाइक लेकर घर आ गये और पंचर भी ठीक कर दिया, मगन पहले ही अपने रुम में आ गया। मिताली अपने बालों में तेल लगा कर उनको सुलझाते हुए गुथ रही थी। मगन, मिताली के पास में आया, और उसका हाथ पकड़ लिया, मिताली के पूरे शरीर में जैसे बिजली कड़क सी गई। ये पकड़ तो पहले कभी नहीं थी इनके हाथों में... मगन ने दूसरे हाथ से उसके गुथे बालों को बिखेरते हुए कहाः- तीन-तीन बच्चों की अम्मा हो गई, फिर भी घणी चौखी लागे है तु... होंठों से होंठों को छु कर इतराते हुए मिताली बोलीः- बड़े चौधरी बन रहे हो आज तो। मगन ने मुंछ पर तांव देकर कहाः- चौधरी ही तो हुं तेरा। मिताली शर्मा गई... और मगन ने उसे वहीं से अपनी बांहों में उठा लिया और खाट पर लाकर पटक दिया।