एक औरत सब कुछ सह सकती है मगर अपने यौवन का कुचला जाना नही।नियति के एक झोंके में उसका भरा पूरा परिवार टूट जाता है।वह कैसे प्रेम के नए रंग सराबोर होकर नई सुरूआत करती है वह इस "पिंजड़े में बंद है"।समाज ,परिवार और परंपरा की बंदिशे तोड़ वह क्या बस पिजड़े में बंद चिड़िया रह जाएगी?इसे पढ़िए और पता लगाएं।एक विधवा की अनूठी प्रेम कहानी