Jump to ratings and reviews
Rate this book

चैत्या

Rate this book
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी के यशस्वी कवि श्री नरेश मेहता उन शीर्षस्थ लेखकों में हैं जो भारतीयता की अपनी गहरी दृष्टि के लिए जाने जाते हैं। ‘चैत्या’ उनकी सम्पूर्ण रचनाओं से चुनी हुई कविताओं का प्रतिनिधि संकलन है।
नरेश मेहता ने आधुनिक कविता को नयी व्यंजना के साथ नया आयाम दिया है। रागात्मकता, संवेदना और उदात्तता उनकी सर्जना के मूल तत्त्व है, जो उन्हें प्रकृति और समूची सृष्टि के प्रति पर्युत्सुक बनाते हैं। नरेश मेहता का अनुभव है कि कविता ही कविता को ‘तीसरा आँख’ देती है जिससे वह सृजन का लालित्य मधुर भाव-संसार रचता है।

आर्ष परम्परा और साहित्य को श्रीनरेश मेहता के काव्य में नयी दृष्टि मिली है। साथ ही, प्रचलित साहित्यिक रुझानों से एक तरह की दूरी ने उनकी काव्य-शैली और संरचना को विशिष्टता दी है।

आशा है, उनके भावबोध, काव्य-शैली और औदात्य से सम्पृक्त ये रचनाएँ पुनः प्रकाशित होकर पाठकों को काव्य का नया आस्वाद प्रदान करेंगी।

228 pages, Hardcover

Published January 1, 2003

Loading...
Loading...

About the author

Shrinaresh Mehta

16 books1 follower

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
0 (0%)
4 stars
0 (0%)
3 stars
0 (0%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.