ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिन्दी के यशस्वी कवि श्री नरेश मेहता उन शीर्षस्थ लेखकों में हैं जो भारतीयता की अपनी गहरी दृष्टि के लिए जाने जाते हैं। ‘चैत्या’ उनकी सम्पूर्ण रचनाओं से चुनी हुई कविताओं का प्रतिनिधि संकलन है। नरेश मेहता ने आधुनिक कविता को नयी व्यंजना के साथ नया आयाम दिया है। रागात्मकता, संवेदना और उदात्तता उनकी सर्जना के मूल तत्त्व है, जो उन्हें प्रकृति और समूची सृष्टि के प्रति पर्युत्सुक बनाते हैं। नरेश मेहता का अनुभव है कि कविता ही कविता को ‘तीसरा आँख’ देती है जिससे वह सृजन का लालित्य मधुर भाव-संसार रचता है।
आर्ष परम्परा और साहित्य को श्रीनरेश मेहता के काव्य में नयी दृष्टि मिली है। साथ ही, प्रचलित साहित्यिक रुझानों से एक तरह की दूरी ने उनकी काव्य-शैली और संरचना को विशिष्टता दी है।
आशा है, उनके भावबोध, काव्य-शैली और औदात्य से सम्पृक्त ये रचनाएँ पुनः प्रकाशित होकर पाठकों को काव्य का नया आस्वाद प्रदान करेंगी।