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अचम्भे का रोना

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खिलेश की यह किताब कुछ चित्रकारों और उनकी कला के बारे में है; इन चित्रकारों में अखिलेश स्वयं भी शामिल हैं। चित्रकारों के बारे में कुछ संस्मरण जैसी चीजें हैं, कुछ उनकी अपनी बातें हैं, और कुछ टिप्पणियां अखिलेश के द्वारा हैं जो उन चित्रकारों की कला की कुछ विशेषताएं ही नहीं बतातीं, चित्रकला के कुछ अहम् पहलुओं और तमाम बुनियादी सवालों पर भी रोशनी डालती हैं। इस प्रकार यह चित्रकला के बारे में भी है। यह स्वयं अखिलेश के सरोकारों के बारे में है, जो केवल चित्रकला तक सीमित नहीं हैं, साहित्य, संगीत, और कला तथा राजनीति की वर्तमान टकराहटों, तक फैले हुए हैं। और अंततः यह रचनाकार और गद्यकार अखिलेश के बारे में है।

180 pages, Hardcover

Published January 1, 2010

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Akhilesh

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