हिन्दू धर्म, भारतवर्ष की भूमि पर आकार लेने वाला प्रथम धर्म है। इस्लाम तथा ईसाई मत भारत में बाहर से आए। इस्लामी विजेता इस्लाम को न केवल स्वयं के लिए एकमात्र विकल्प के रूप में देखते थे अपितु उन्होंने भारत की जनता में भी इस्लाम के बलपूर्वक प्रसार किया। यदि इस्लाम भारत की भूमि पर उत्पन्न हुआ होता तथा इस्लाम के अनुयाइयों ने कट्टरता नहीं दिखाई होती तो संभवतः हिन्दुओं और मुसलमानों तथा सिक्खों और मुसलमानों के बीच इतनी व्यापक साम्प्रदायिक हिंसा नहीं हुई होती। इस्लाम की इस कट्टरता के चलते न तो मुसलमान कभी यह भूल पाए कि उनकी पहचान इस्लाम से है और न हिन्दू कभी भूल पाए कि इस्लाम आक्रांताओं का धर्म है। इस्लामी आक्रांताओं द्वारा बल-पूर्वक इस्लाम का प्रसार किए जाने के कारण भारत में साम्प्र&