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Deewan Kailash Nath #1
दस मिनट
लोकेश दीपा से इन्तहाई प्यार करता था । लेकिन दीपा थी कि उसके लाख समझाने, मिन्नत करने के बाद भी कहीं और ही अटकी हुई थी । दीपा के लिये अपने जुनून, अपने दीवानेपन के तहत लोकेश ने एक घाती कदम तो उठा डाला, लेकिन फिर उसकी किस्मत जैसे घड़ी की सुइयों के साथ अटक गई और एक वाहिद दस मिनट का वक्फा उसके जी का जंजाल बन गया !
141 pages, Kindle Edition
First published December 1, 1986
About the author
Surender Mohan Pathak
335 books398 followersSurender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
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Community Reviews
Displaying 1 - 6 of 6 reviews
February 17, 2020
A Story as intricate as a spider's web. Pathak saab is in true form.
November 6, 2020
It is more a love story than a thriller although it has a murder. The murder is planned meticulously but for a nobel purpose.
Can the murderer get away with it?
Read it for a brilliant planning and innocent love. Climax is breathtaking.
This unfolds like a stage play. It can easily be turned into one.
Can the murderer get away with it?
Read it for a brilliant planning and innocent love. Climax is breathtaking.
This unfolds like a stage play. It can easily be turned into one.
June 2, 2025
4.5 stars
November 9, 2021
4.5/5 stars
शानदार कहानी के साथ-साथ शानदार climax. प्रेमसागर और लोकेश का किरदार बहुत पसंद आया. सब-इस्पेक्टर महेश्वरी का जवाब नहीं, लेकिन बीच-बीच में घड़ियाल और 10 मिनट वाला scene थोड़ा बोझिल-सा लगा.
जरूर पढ़ी जा सकती है और जरूर enjoy करें 🥰🥰
शानदार कहानी के साथ-साथ शानदार climax. प्रेमसागर और लोकेश का किरदार बहुत पसंद आया. सब-इस्पेक्टर महेश्वरी का जवाब नहीं, लेकिन बीच-बीच में घड़ियाल और 10 मिनट वाला scene थोड़ा बोझिल-सा लगा.
जरूर पढ़ी जा सकती है और जरूर enjoy करें 🥰🥰
February 20, 2022
This book is a thriller.
The plot is very good.
The language is simple. Could have been more thrilling.
The plot is very good.
The language is simple. Could have been more thrilling.
April 16, 2013
इसमें कोई दो राय नहीं की इंसान अपनी सच्ची मोहब्बत को पाने की खातिर कुछ भी कर सकता है। या उसे किन्हीं दरिंदों से बचाने को खातिर खुद सूली पर लटक जाने को तैयार हो सकता है।
ऐसा ही कुछ हुआ एक आशिक के साथ जब उसे मालूम हुआ की उसकी माशूक जिस आदमी से मोहब्बत करती है, वह एक निहायत ही गिरा हुआ और वहशी इंसान है। जो लड़कियों को फंसाकर उसे बेच देने में अपनी काबिलियत समझता था। जो भोली लड़कियों को फ़साना अपना पेशा समझता था।
जब उस आशिक को इतने बड़े षड़यंत्र की खबर मिली तो उसने अपने प्यार को जिससे अभी तक उसने इज़हार भी नहीं किया था, को इस षड़यंत्र से बाहर निकालने की ठान ली।
पहले तो उसने उस लड़की को असलियत बयां की, लेकिन जब वह इस असलियत को नकार गयी तो, आशिक ने लिया उस वहशी को खत्म करने का फैसला।
एक शानदार मर्डर मिस्ट्री और समाज के अपराधों को नंगा करता हुआ एक बेहतरीन उपन्यास "दस मिनट"। इस उपन्यास के केवल तीन ही मुख्य किरदार है, जिनका ऊपर उल्लेख हुआ है। लेकिन बाकी में किरदारों ने इस उपन्यास की बेहतरीन पृष्ठभूमि रची है।
आप इस उपन्यास में मिलेंगे - "शक की सुई" - के बेहतरीन किरदार "दीवान कैलाशनाथ" से।
एक हाहाकारी थ्रिलर, जो पाठक साहब की सर्वोत्तम कृतियों में गिनी जाती है।
A must read novel.
ऐसा ही कुछ हुआ एक आशिक के साथ जब उसे मालूम हुआ की उसकी माशूक जिस आदमी से मोहब्बत करती है, वह एक निहायत ही गिरा हुआ और वहशी इंसान है। जो लड़कियों को फंसाकर उसे बेच देने में अपनी काबिलियत समझता था। जो भोली लड़कियों को फ़साना अपना पेशा समझता था।
जब उस आशिक को इतने बड़े षड़यंत्र की खबर मिली तो उसने अपने प्यार को जिससे अभी तक उसने इज़हार भी नहीं किया था, को इस षड़यंत्र से बाहर निकालने की ठान ली।
पहले तो उसने उस लड़की को असलियत बयां की, लेकिन जब वह इस असलियत को नकार गयी तो, आशिक ने लिया उस वहशी को खत्म करने का फैसला।
एक शानदार मर्डर मिस्ट्री और समाज के अपराधों को नंगा करता हुआ एक बेहतरीन उपन्यास "दस मिनट"। इस उपन्यास के केवल तीन ही मुख्य किरदार है, जिनका ऊपर उल्लेख हुआ है। लेकिन बाकी में किरदारों ने इस उपन्यास की बेहतरीन पृष्ठभूमि रची है।
आप इस उपन्यास में मिलेंगे - "शक की सुई" - के बेहतरीन किरदार "दीवान कैलाशनाथ" से।
एक हाहाकारी थ्रिलर, जो पाठक साहब की सर्वोत्तम कृतियों में गिनी जाती है।
A must read novel.
Displaying 1 - 6 of 6 reviews






