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देशदूत

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यह पुस्तक अत्यधिक विश्र्लेषण और समाज और देश के प्रति प्रेम तथा विचारणा का समुचित शमावेस है। समाज के विभिन्न कालों को विभिन्न मापदन्डों पर देख तथा वेदों, पुराणों एवं भारत के तत्कालिक सम्विधान के निरंतर अध्यय ने हमें लिखने को उत्सुक किया।

भारत के तत्कालिक परिवेश चाहे अर्थव्यवस्था, राजनीति, संस्कृति, परम्परा हो या परिवार, समाज या व्यक्ति ने हमे लिखने को विवश कर दिया।

यह पुस्तक भारत के हर देशवासी को व्यतिगत रुप से समर्पित है जो भारतिय होने पर गर्व महसुस करते हैं, चाहे वे भारत में हों या किसी कारण वस विदेश में।

30 pages, Kindle Edition

First published November 28, 2018

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Er Abhishek Kumar

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