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हितोपदेश

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हितोपदेश का अर्थ है हितोपकारी उपदेश। नारायण पंडित द्वारारचित हितोपदेश की कहानियां सदाचार, राजनीती और व्यावहारिक ज्ञान से सरोबार है। पशु-पक्षियों के जीवन पर आधारित ये कहानियां स्वाभाविक लगती है क्योंकि इनमें पशु-पक्षी मनुष्यों की तरह ही बोलते है और उन्ही के सामान आचरण भी करते है। ये रोचक कहानियां हर पाठक को पसंद आएंगी

112 pages, Paperback

Published January 1, 2021

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Profile Image for Amrendra.
348 reviews15 followers
November 7, 2025
'हितोपदेश' नारायण पंडित द्वारा रचित सदाचार, राजनीति और व्यावहारिक ज्ञान की सीख देने वाली पुस्तक है। इसकी रचना अनुमानतः 9वीं शताब्दी के आसपास की गई थी।

पशु-पक्षियों के जीवन पर आधारित होने पर भी ये कहानियां स्वाभाविक लगती हैं क्योंकि इनके द्वारा मानवीय स्थितिपरक सीख दी गई है। इस किताब के चार खंड हैं - मित्रलाभ, सुहृदभेद, विग्रह और संधि। इन खंडों में विभिन्न कहानियों द्वारा राजपुत्रों को शिक्षा दी गई है ताकि वे विवेकशील और विचारवान बनें। पशु पक्षियों के माध्यम से सुनाई गई यह कहानियां रोचक हैं और इन साधारण दिखने वाली कथाओं के गूढ़ ज्ञान से सभी लाभान्वित हो सकते हैं।
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