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Kisson Ki Sadak 'किस्सों की सड़क'

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एक लड़की हमारी जिंदगी में भी आयी थी। आपकी जिंदगी में भी आयी होगी। ये तो होता ही है। आती है और चली भी जाती है। आप समझ भी नहीं पाते हैं कि क्या हुआ। बस अचानक से उठती है और चल देती है। वो जाती है और आप बस देखते रह जाते हैं। उसे वापस पाने की तमाम कोशिशें करते हैं पर वो वापस नहीं आती। फिर आप खुद को इधर-उधर उलझाने की कोशिश करते हैं और पाते हैं कि इस दुनिया में और भी खूबसूरत चीजें हैं। जहाँ एक ओर विरह के बीच आपका मुस्कुराने की कोशिश करता चेहरा और दोस्तों के साथ की चुहलबाजी शामिल है इस किताब में, तो वहीं दूसरी ओर आपके आसपास से कुछ ऐसे भी किस्से हैं जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। About the author एक छोटे से गाँव से लेकर बड़े शहर तक पहुँचने में नवोदय और एन. आई. टी. से होकर गुजरे अभिषेक सूर्यवंशी अभी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। फुर्सत के समय में किस्से सुनाते रहते हैं मगर इनके किस्से दादी नानी के किस्से जैसे नहीं होते। इनकी कुछ कहानियाँ प्यार से जुडी हैं, तो कुछ तकरार से। कुछ किस्से दोस्तों के बीच हैं, तो कुछ बुजुर्गों के बीच। और तकरीबन इनकी हर कहानी के पात्र सच्चे हैं। आप अपने आसपास झाकेंगे तो वो मिल जाएंगे या यूँ कहें कि ये तो बस आपके ही किस्से हैं। कहानियों को पढ़ते वक्त आप लेखक को आपसे बातें करता हुआ पाते हैं। लेखक आपको अपने साथ आपकी दुनिया की सैर कराता है। या यूँ कहिये कि वो आपकी ही दुनिया में आपको नयी चीजें दिखाता है।

152 pages, Paperback

Published August 1, 2018

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45 reviews1 follower
March 25, 2020
हल्का फुल्का पढ़ना है तो किस्सों की सड़क, एक अलग ही मुकाम पर ले जाती है।
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