मुगलों के समय अस्तित्व में आई किशनगढ़ रियासत, राजस्थान की सबसे छोटी रियासत थी। किशनगढ़ के राजा रूपसिंह ने धरमत के मैदान में औरंगजेब के हाथी की रस्सियां काट डाली थीं किंतु औरंगजेब बच गया। किशनगढ़ के राजा सावंतदास ने अपनी गायिका बनीठनी से प्रेम करके प्रेम के संसार में अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। उसके चित्रों को राजा ने राधारानी के रूप में बनवाया जो आज विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। जोधपुर, जयपुर तथा बीकानेर जैसी विशाल रियासतों की सीमाओं पर स्थित इस छोटी सी रियासत का बने रहना संभव नहीं था किंतु पहले मुगलों ने और बाद में ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने इस रियासत को संरक्षण दिया। यह राजस्थान की उन 19 रियासतों में सम्मिलित थी जिनके राजाओं के आगमन पर अंग्रेज सरकार तोपों से सलामी दिया करती थी।