पारिवारिक एडवेंचर कहानी, जिसमें हर पल थ्रिल के साथ साथ, भाई - बहन की नोंक झोंक, मम्मी की डांट का डर और उनसे बचाने के लिए पापा का ढाल बन जाना और बदले में खुद ताने सुनना मजेदार है।
भाई बहन, उन्नत और आशी अपने प्यारे सड़क के कुत्ते मूलचंद के साथ, मछलीवाली आंटी की मछलीयों को बचाने के चक्कर में कौवों से पंगा ले लिया। कौवे बदला लेने के लिए उन्नत, आशी और मूलचंद के पीछे पड़े गए। बच्चे तो घर में छिप गए लेकिन मम्मी ने मूलचंद को घर में रखने की इजाजत नहीं दी। उन्नत और आशी ने पापा के साथ मिलकर मम्मी, जिन्हें घर में कुत्ते रखना पसंद नहीं, उनको मूलचंद को घर में रखने के लिए मनाया। लेकिन क्या कौवों से उनका पीछा इतनी आसानी से छूटने वाला था।