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Chhori Kamli

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रेगिस्तान में रहने वाले घुमक्कड़ लोगों की जीवन शैली, लोकगायन से जुड़ी जातियों का समाज में स्थान और जटिल सामाजिक तानेबाने में उपजे विजातीय प्रेम की गहरी टीस भरी कहानी है, छोरी कमली। इस कहानी में मांगणियार लोकगायक और घुमक्कड़ जोगी लड़की का प्रेम मेरुदंड है और उसके आस-पास रेगिस्तान का जीवन और रेत का बारीक सौंदर्य उकेरा हुआ है। लोकप्रिय कहानीकार किशोर चौधरी की यह कहानी, उनके दूसरे कहानी-संग्रह 'धूप के आईने में' प्रकाशित की गई थी। कहानी 'छोरी कमली' में उकेरे गए रेगिस्तान को पाठकों ने ख़ूब पसंद किया। कालबेलिया नर्तकी कमली के नाच और मांगणियार गायक के सुरों के प्रेम में आलोड़ित हो जाने वाले पाठकों और रेगिस्तान के चाहने वालों के लिए यह कहानी-संग्रह 'छोरी कमली' शीर्षक के साथ पुनः प्रस्तु

189 pages, Kindle Edition

Published February 28, 2018

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Displaying 1 - 2 of 2 reviews
Profile Image for Amisha Keshyap.
16 reviews
January 26, 2024
हमें कुछ भी मिलता और खोता नहीं है।
वह हम ख़ुद ही रचते है।
पुस्तक छोरी कमली 6 कहानियों का संग्रह है , जो किशोर जी द्वारा लिखी गई है , पुस्तक हिंदी युग्म से प्रकाशित है , और कुल 152 पन्नो में है जो ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 बैठक में समाप्त की जा सकती है।
छोरी कमली इससे पहले "धूप के आइने में" शीर्षक से प्रकाशित हुई थी।
कहानी रेगिस्तान में रहने वाले घुमक्कड़ लोगो की जीवन शैली, लोकगायन से जुड़ी जातियों का समाज में स्थान और जटिल सामाजिक तानेबाने में उपजे विजातीय प्रेम की गहरी टीस भरी कहानी है।
इस कहानी में मांगणियार लोकगायक और घुमक्कड़ जोगी लड़की का प्रेम मेरुदंड है और उसके आस - पास रेगिस्तान का जीवन और रेत का बारीक सौंदर्य उकेरा हुआ है।
किशोर जी की कहानियां अक्सर एक अलग दुनिया में पहुंचा जाती है जहा चारों तरफ रेत पसरी होती है,
और खुदको ढूंढना होता है, उनकी कहानियों से प्रेम होना अब मेरे लिए एक आदत बन चुकी है, मैंने उनकी ये चौथी पुस्तक पढ़ी है बाकियों से जितना प्रेम नहीं कर पाई उससे कई ज्यादा छोरी कमली के प्रेम में डूब सी गई हूं, मेरी लेखक से शिकायत होती है की आप कहानियां वहा क्यों खत्म करदेते हो जहां और पढ़ने की इच्छा होती है लेखक बड़े प्यार से जवाब देते है उसकी कहानी वही तक होती है बस इसलिए, मुझे बहुत से शब्द समझ नही आते उनसे पूछती हूं तो वो बड़े प्यार से मुझे समझते है। एक लेखक की इन्ही बातों से उनके पाठक हमसे उनके लिए ईमानदार रहते है।
छोरी कमली महज सिर्फ कहानियां नहीं एक जीते जागते औरत और आदमी की जिंदगी है जहां कभी प्रेम से दूर होना होता है जहा जान से प्यारा साथी दूर चला जाता है, जहा हम किसी को अपना बना रहे होते हो और वो कही खो गया सा होता है।
🍁इस किताब की 2 कहानियां मुझे बहुत प्रिय है,
"छोरी कमली" और" श्रुति सिंह चौधरी, ये तन्हाई कैसी है"। साथ ही किताब में लिखी कुछ पंक्तियां भी मुझे बहुत अच्छी लगी जिसे में आप सब के साथ साझा करना चाहती हूं।
कहानी:-
❤️प्रेम से बढ़कर:-
🍁प्रेम एक वन वे सीढ़ी की तरह होता है।
प्रेम अनहद और अनंत होता है।
🍁जाने क्या था की न बचा, न खत्म हुआ।
🍁 धुंध में डूबे हुए शहरो की चौड़ी सड़कों पर हाथ थामकर चलते हुए लोग प्रेम में नहीं होते। वे अतीत की भूलो को दूर छोड़ आने के लिए अक्सर एक-दूजे का हाथ पकड़े हुए निकला करते है।
🍁 धुंध के पार कुछ ही गरम होंठ होते है, जिन पर मौसम की नमी नहीं होती। प्रेम मगर फिर भी कहीं नहीं होता।
🍁वास्तव में प्रेम कुछ नहीं होता। सबसे अच्छा होता है तुम्हारे पास सटकर बैठना।

❤️❤️ छोरी कमली:-
🍁दुख के पौधा जो आदमी खुद लगता है, उसकी जड़ कभी नहीं जाती।
🍁रात का दिन विरह की भट्टी था, रात एक शीतल ओढ़नी थी।
🍁रेगिस्तान की धरती काल है। माया है। कुदरत की अनूठी कारीगिरी है। जीवन है । कमली है।
वह उसी के पास जाएगा।
🍁बात कहने का संकोच कई बार बात के ओछी होने की ओर इशारा करता है।
🍁प्रेम का बिरवा किसी को पूछ कर थोड़े ही उगता है।
🍁प्रेम कुछ नही जानता है, सिवा इसके की उसके मन में कौन बस्ता है।
🍁स्वर्ग-नरक कुछ नहीं होता है। आदमी इसी मिट्टी से जन्मता है और इसी में खतम हो जाता है।
🍁लोगो के नसीब में ठोकरें नहीं थी वरन ठोकरों से ही बना हुआ उसका नसीब था।
❤️मार्च महीने की एक सुबह में प्रेम:-
🍁इस दुनिया में ठहर जाना कीमत मांगता है इसलिए ठहर जाना मना था।
🍁भय और लालच ही वे दो ऐसी चीज़े हैं ,जो दुनिया को चला रही है।
🍁बेरोजगारी रेगिस्तान के प्रेत की बेहिसाब फैली हुई पूंछ जैसी है।
🍁 लालच की दुनिया में आदमी एक दूसरे को नहीं वरन एक लालच ही दूजे लालच को काटता है।
🍁प्रेम करने के लिए होंठो को चूमने की ज़रूरत होती है।
❤️धूप के आइने में:-
🍁विज्ञान को आज भी मालूम नहीं की मरने से पहले आदमी किस तरह मर जाता है। कैसे पूरी तरह भीगे हुए आदमी को एक आंसू की गर्मी महसूस हो जाया करती है।
🍁बड़े कमरों में रखी हुई चीज़े अक्सर अपने आकार से अधिक छोटी जान पड़ती थी।
❤️श्रुति सिंह चौधरी , यह तन्हाई कैसी है:-
🍁घर में रसोई सबसे अलग और एक गरम एहसास था, जो बांध के रखता, सर्दियों में जरा काम कपड़ो की ख्वाहिशें यहीं पूरी होती है।
किताब छोरी कमली प्रेम से भरा वो संदूक है, जिसमे प्यार से भरा इंतजार ,त्याग ,दर्द,खुशी सब मजूद है,
किताब को जरूर पढ़े , प्रेम की एक अलग परिभाषा निकल कर आती है ।
धन्यवाद🙏
अमीषा❤️
7 reviews
October 11, 2019
बेहतरीन

बेहद उम्दा और खूबसूरत कहानियां।
किशोर जी की कहानियों की भाषा और उन कहानियों की संवेदनायें इस किताब को पठनीय और संग्रह काबिल बनाती हैं।
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