राजदान अपने आपको हिप्नोटिस्ट बताता था, उसका दावा था कि वो अपने अनोखे इल्म के सदके किसी से भी अपनी मनमानी करवा सकता था ! सवाल ये था कि क्या वो किसी से किसी को कत्ल करवा सकता था?
Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
वाकई काला कारनामा पाठक साहब का एक बेहतरीन उपन्यास है। जिसमें अंत तक ये उत्सुकता बनी रहती है की क़त्ल कैसे हुआ। सुनील और रूपा की नोकझोंक बड़ी ही मनोरंजक है। रोशन लाल का बार बार कुछ लफ्जों को दो बार बोलना और सुनील का उसकी नक़ल कर के शब्दों को तीन बार बोलना बड़ा दिलचस्प है। कुल मिला के एक बेहतरीन उपन्यास, एक ही बार में पठनीय है।
"काला कारनामा" एक ऐसा उपन्यास था जिसने मुझे मर्डर मिस्ट्री पढने को प्रेरित किया। आज भी यह मेरी द्वारा पढ़ी गयी मर्डर मिस्ट्री उपन्यासों की श्रेणी में सबसे ऊपर आता है।
"काला कारनामा" उपन्यास की शुरुआत एक कमरे से होती है और समाप्त भी उसी कमरे में होती है। "सुनील" और "रूपा" के बीच हुआ संवाद बहुत ही शानदार, मनोरंजक और ज्ञानवर्धक है। रोशनलाल जी का किरदार तो बहुत ही हास्यास्पद है। कहानी शुरू होती, डॉ. राजदान द्वारा सम्मोहन विद्या के प्रदर्शन से। इसी प्रदर्शनी के दौरान एक घर के मालिक का क़त्ल होता है। सुनील की शानदार एंट्री होती है। इस क़त्ल के दौरान जितने भी व्यक्ति उस घर में मौजूद थे सब के पास क़त्ल के समय के एलिबाई है। कहानी बीच में एक बहुत ही तीखा मोड़ लेती है। और कहानी ख़तम होगी है सुनील के द्वारा प्रस्तुत की गयी सम्मोहित कर देने वाली रहस्य उदघाटन से। यह पुस्तक एक "मस्ट रीड" पुस्तक है जिसे जरूर पढना चाहिए।
इस पुस्तक का मुख्य आकर्षण यह है की "क़त्ल कैसे किया गया" न की यह "क़त्ल किसने किया"।
This novel is worth reading for its intricate mystery. The beauty of the novel lies in the mystery how the murder was made possible. Smart talk between Rupa and Sunil is also immensely interesting.
इस किताब में सुनील सीरीज का उपन्यास काला कारनामा तो है ही इसके साथ सुधीर का लघु उपन्यास साक्षी भी है। इसलिए रेटिंग निम्न है: काला कारनामा 5 /5 साक्षी 2.5 /5