‘व्यास सम्मान’, बिहार राजभाषा परिषद् तथा हिन्दी अकादमी से पुरस्कृत चित्रा मुद्गल हिन्दी की सुपरिचित कहानीकार हैं। उनकी बीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है जिनमें ‘जिनावर’ और ‘एक ज़मीन अपनी’ विशेष रूप से चर्चित रहीं। चित्रा जी की कहानियाँ कोरी कल्पना पर आधारित न होकर ठोस यथार्थ से पाठक को रू-ब-रू कराती हैं। उनकी कहानियाँ पात्रों को स्वयं अपने मानवीय मूल्यों के प्रति सजग करती हैं। उसके जड़ चेतन को कुरेदती हैं। इसी लिए ये कहानियाँ पाठकों पर गहरा और दूरगामी असर छोड़ती हैं।