अर्जुन त्यागी का एक ही सपना था। उसे अंडरवर्ल्ड में अपनी साख बनानी थी। इसके लिए उसे ऐसा कुछ करना था जिससे उसकी औकात गली के गुंडे से ऊपर हो पाती। उसके जहन में एक योजना थी। आखिर क्या करना चाहता था अर्जुन त्यागी?
अभी तो इतना ही कहूँगा उपन्यास एक्शन से भरपूर है और शीर्षक सटीक है। एक बार पढ़ा जा सकता है।मेरे विस्तृत विचार आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं : घर का ना घाट का