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नेल्सन मंडेला

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About the bookऑस्ट्रिया में जनमा एडोल्फ हिटलर बारह वर्ष तक जर्मनी का शासक रहा। उसके शासनकाल की परिणति द्वितीय विश्व युद्ध के रूप में हुई, जिसमें लाखों लोग मारे गए। यही कारण है कि आज तक के इतिहास में उसकी गणना सबसे घृणित एवं दुष्ट व्यक्तियों में की जाती है।दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने रंगभेद विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर संघर्ष कर दुनिया के सामने एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। 1944 में अफ्रीका नैशनल कांग्रेस में शामिल होने के बाद लगातार रंगभेद के खिलाफ लड़ते रहे और राजद्रोह के आरोप में 1962 में गिरफ्तार कर लिये गए। उम्रकैद की सजा सुनाकर इन्हें रॉबेन द्वीप पर भेज दिया गया। किंतु सजा से भी इनका उत्साह कम नहीं हुआ। इन्होंने जेल में अश्वेत कैदियों को भी लामबंद क&

117 pages, Kindle Edition

Published January 1, 2013

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Sushil Kapoor

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November 20, 2023
नेल्सन मंडेला की जीवन से संघर्ष सीखने को मिला और उसे संघर्ष से क्या हासिल होता है यह जाना

नेल्सन मंडेला के द्वारा जीवन में जो संघर्ष किया गया है और हर कदम पर यह लग रहा था मानो अभी अंत है, लेकिन फिर उन्होंने इस लड़ाई को जारी रखा और यह लड़ाई सिर्फ उनके लिए नहीं थी यह पूरे देश की लड़ाई थी उनके पारिवारिक स्थिति की लड़ाई थी उनकी खुद की अस्तित्व की लड़ाई थी और इस लड़ाई में उन्होंने जीत कर जो संघर्ष का एक बेजोड़ प्रदर्शन किया है यह हमें सदा प्रेरित करता है और इससे हमें यह सीखने को मिलता है कि जीवन में हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए | यह किताब ऐसे संघर्ष का प्रतीक है जो हमें यह सिखाता है कि कभी हमें हार नहीं माननी चाहिए चाहे स्थिति कैसी भी हो चाहे कितना ही समय लगे नेल्सन मंडेला ने 27 साल जेल में रहकर और टोटल 67 साल अपने जीवन का संघर्ष करते हुए इस हमें यह सिखाया है कि जो हम चाहते हैं वह हमें मिल जाता है अगर हम धैर्य के साथ संघर्ष करते रहें|
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