'यादों का इडियट बॉक्स' - शायद कॉलेज में सुनना शुरू किया था, और तब याद आया की, कहानियाँ सुनना कितना पसंद है मुझे. नीलेश मिश्रा और उनका राइटर्स क्लब कमाल का है और मैं उनकी कहानियों का आदी हूं, जैसे हर कहानी आपको जीवन, संघर्ष, प्यार, रिश्ते, दोस्ती और क्या नहीं के बारे में एक सबक देना चाहती है। यहां तक कि उनकी कॉमेडी कहानियां भी प्रफुल्लित करने वाली हैं। इस किताब को पढ़ते हुए ऐसा लगता है कि फिर एफएम के पास बैठकर उनकी यादों का इडियट बॉक्स सुन रही हूँ. इस किताब में कुछ ऐसी ही कहानियां है. यदि आप मेरी तरह कहानी प्रेमी हैं तो इसे अवश्य पढ़ें।
नमस्ते सर... बस इतनी सी थी यह कहानी_आपके द्वारा लिखित यह किताब, lock down में मेरे लिए एक साथी के तरह साबित हुई; जिसके हर एक पन्ने ने एक अलग शहर की सैर कराई... जो अजनबी होकर भी कुछ जानी पहचानी सी लगती है ... कहानियां बहुत ही लाजवाब है इस किताब के अंदर_जो पढ़ेगा वह इस बात को चखेगा... वैसे तो मैं regular reader नहीं हूं पर इस किताब ने मुझे अनंत तक जोड़े रखा... धन्यवाद सर, सरल भाषा में लिखी इस यादगार किताब के लिए। ✨🙏⭐⭐⭐⭐ इस पूरी किताब में से एक कहानी बहुत ही ज्यादा हृदय को छू लेने वाली लगी जिसको पढ़ते वक्त मैं खुद को कहानी में देखने लगी... मेरे लिए वह कहानी बेनाम स्टेशन रही... धन्यवाद!! आपकी अगली बुक और बुक लॉन्च का इंतजार रहेगा सर...