श्री भगवतीचरण वर्मा ने यद्यपि कहानियाँ कम ही लिखी हैं, उनकी गणना हिन्दी के अग्रणी कथाकारों में की जाती है । 'दो बांके','आवारे' आदि उनकी ऐसी कहानियाँ हैं, जिनको कभी भुलाया नहीं जा सकेगा । प्रस्तुत संकलन में उन्होंने स्वयं अपने समग्र कहानी-लेखन में से बारह श्रेष्ठ कहानियाँ चुनी हैं, और अपने लेखन के संबंध में एक भूमिका भी दी है जिससे साहित्य के अध्येताओं को उनके विषय में जानने में मदद मिलती है । यह संकलन लेखक के कहानीकार व्यक्तिव का संपूर्ण प्रतिनिधित्व करता है ।