क्या होगा जब आपका सबसे अच्छा दोस्त दरवाजे पर खड़ा हो... जबकि वो पहले से ही कमरे में आपके साथ बैठा हो? नारकंडा की बर्फीली ऊंचाइयों पर स्थित 'वुडसाइड कॉटेज' चारों दोस्तों—आर्यन, रिया, कबीर और समीर—के लिए एक परफेक्ट छुट्टी की जगह थी। चारों तरफ सिर्फ बर्फ, सन्नाटा और सुकून। लेकिन एक भयानक बर्फीले तूफान ने उन्हें दुनिया से काट दिया।
अंधेरे में जब लाइट गई, तो कबीर जनरेटर ठीक करने बाहर गया। वो वापस आया, लेकिन कुछ बदल चुका था। वो खामोश था, उसकी आँखों में ठंडक थी।
और तभी, दरवाजे पर एक उन्मादी दस्तक हुई।
बाहर एक और कबीर खड़ा था—खून से लथपथ, जिसकी खाल उधड़ी हुई थी, और वो चिल्ला रहा था: "दरवाजा मत खोलना! वो मेरे जैसा दिखता है, लेकिन वो मैं नहीं हूँ!"