कुछ चीजें पुरानी होती हैं, कुछ अनमोल... और कुछ 'श्रापित'।
मौत की नीलामी
सूर्यकांत शर्मा ने सोचा था कि वह अपने परिवार के लिए 'देसाई वाड़ा' की नीलामी से कुछ एंटीक सजावट का सामान खरीद रहे हैं।
एक पुरानी **पेंटिंग**, एक जंग लगी **खिलौना कार**, और एक बंद **म्यूजिक बॉक्स**।
उन्हें लगा था कि उन्होंने बहुत सस्ता सौदा किया है।
लेकिन उन्हें नहीं पता था कि कुछ चीजें खाली नहीं होतीं... उनके अंदर कोई रहता है।
घर पहुँचते ही खुशियां मातम में नहीं, बल्कि खौफ में बदल जाती हैं।
जब रात होती है, तो पेंटिंग की आँखें हिलने लगती हैं। खिलौना कार अपने आप चलने लगती है। और म्यूजिक बॉक्स से एक ऐसी धुन निकलती है जो जिंदा लोगों के लिए नहीं बनी है।