एक वीरान हवेली, एक तूफानी रात और एक अनचाही मेहमान...
राजस्थान के बीहड़ों में बनी सदियों पुरानी 'प्रताप हवेली' में सन्नाटा पसरा था। 23 साल का रुद्र प्रताप सिंह, एक गठीला और मासूम नौजवान, अपनी पुश्तैनी जायदाद की देखभाल कर रहा था। उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि उस काली रात दरवाजे पर हुई एक दस्तक उसकी तकदीर और तस्वीर, दोनों बदलने वाली है।
दरवाजे पर खड़ी थी तान्या—42 साल की एक बेहद हसीन, रईस और अनुभवी महिला, जो बारिश में भीगी हुई थी और पनाह मांग रही थी। रुद्र ने उसे सहारा दिया, लेकिन वह नहीं जानता था कि जिसे वह बेचारी समझ रहा है, वह दरअसल एक 'हसीन शिकारी' है।
यह कहानी सिर्फ एक रात की पनाह की नहीं है। यह एक ऐसे सफर की शुरुआत है जो राजस्थान के अंधेरे गलियारों से शुरू होकर दिल्