नेपाल की बर्फीली वादियों से निकलकर, एक युवा जोड़ा भाग्य की तलाश में भारत की हरी पहाड़ियों तक पहुँचता है। सूर्य — एक ईमानदार, महत्वाकांक्षी शेफ। संगीता — उसकी नई नवेली पत्नी, जिसकी आँखों में मासूमियत और आग दोनों हैं।
रानीखेत की धुंधली सुबहों में उनका स्वागत करता है विक्रम सिंह राठौर, एक राजवंशज व्यापारी, जिसके बंगले के भीतर रहस्यों का एक संसार छिपा है। वह प्रस्ताव रखता है —
“सूर्य दिल्ली जाएगा मेरे होटल में काम करने, और संगीता... मेरी देखरेख में रहेगी।”
एक “अनुबंध”, जो किसी भी शादी की नींव हिला सकता है।
जंगलों से घिरे उस बंगले में, जहाँ दीवारें भी फुसफुसाती हैं, संगीता के दिन और रातें एक नई परीक्षा बन जाती हैं। मालिक का आदेश, उसकी नज़रों की गर्मी, और अपनí