पति विदेश गया... और बीवी की रातें किसी और की हो गईं। क्या ये सिर्फ अकेलापन था? या दिल की छुपी प्यास...?
वंदना, एक खूबसूरत शादीशुदा औरत, अपने पति महेश को दुबई के लिए विदा करती है। लेकिन जैसे ही दरवाज़ा बंद होता है, उसकी दुनिया खुलने लगती है — एक नई चाहत, एक नई कशिश, और एक नया रिश्ता... शेखर के साथ।
शेखर — उसकी कॉलेज फ्रेंड मोनिका का स्मार्ट, चार्मिंग कज़िन, जो सिर्फ नज़रों से ही नहीं, स्पर्श से भी बेवफाई की चिंगारी जला देता है।
हर रात उसकी सीमा टूटती है... हर सुबह अपराधबोध लौटता है। वंदना अब वफादार पत्नी नहीं रही। लेकिन क्या वो खुश है? क्या उसका रिश्ता अब सिर्फ जिस्म तक रह गया है?