रेखा चौहान द्वारा लिखित "राजपुतानियाँ" राजपूत वीरांगनाओं के प्रेम, जीवन, त्याग और साहस की मार्मिक गाथा है। यह पुस्तक उन राजपूत नारियों की कहानियों को जीवंत करती है, जिन्होंने अपने आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए अद्वितीय बलिदान दिए। उनके जीवन में प्रेम की गहराई थी, त्याग की पराकाष्ठा थी, और जौहर जैसे अद्भुत साहसिक कृत्य थे। यह कृति न केवल राजपूत महिलाओं के गौरवशाली इतिहास को संजोती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनकी प्रेरणादायक यात्रा से जोड़ती है।