एक ऐसी प्रेम कहानी जिसकी शुरुआत पाकिस्तानी षड्यंत्र से हुयी। प्रेमी और प्रेमिका दोनों को इस बात की भनक भी नहीं थी की उनका मिलना एक पाकिस्तान के षड़यंत्र की वजह से संभव हुआ है। और उनकी हर गतिविधि पर पाकिस्तान की नज़र है।
इस कहानी दो सत्य घटनाओ के बीच के कनेक्शन की सम्भावनाओं पर आधारित विश्लेषण है। दो घटनाये हुयी थी इसकी पुष्टि करने की जरुरत नहीं है। सारा देश जानता है। लेकिन उन दोनों घटनाओं के बीच के कनेक्शन की सत्यता की पुष्टि मैं नहीं करता। और ना ही इस कहानी के वास्तविक पात्रों और लोकेशन का नाम इस कहानी में दे रहा हूँ। इस कहानी में रियासत और सारे पात्रों के नाम काल्पनिक है।
ये कहानी 1947 भारत पाकिस्तान बंटवारे के समय की दो सत्य घटनाओं का लेखक द्वारा किया गया विश्लेषण है। एक घटना थ