Jump to ratings and reviews
Rate this book

चुड़ैल लीला

Rate this book
चुड़ैल लीला
16 दिसम्बर 1987 ई०, रात के 12:00 बजे;
हर्रावाला गांव के छोटे-से स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बावजुद वहां के वातावरण में कोई अन्तर नहीं आया। दिसम्बर माह की कड़कदार ठंड और रात के कोहरे से लिपटा हुआ छोटा-सा प्लेटफॉर्म यूँ ही बेजान पड़ा रहा। स्टेशन का दो सदस्यीय विभाग घोड़े बेचकर सोता रहा। सदा की भांति उस स्टेशन पर किसी पैसेंजर के उतरने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। बूढ़ा स्टेशन मास्टर यह देखकर दंग रह गया कि एक पैसेंजर धड़धड़ाता हुआ प्लेटफोर्म पार कर रहा था। स्टेशन मास्टर ने अपनी ऐनक साफ की। तेजी के साथ बाहर निकलने वाले दरवाजे की ओर बढ़ गया।
दरवाजे के ठीक ऊपर लगे जीरो वाट के मद्धिम प्रकाश में उसे मेरा खूबसूरत गोल चेहरा दिखाई दिया। मेरा नाम प्रफुल्ल पटेल है और मैंने चमड़े की काली

77 pages, Kindle Edition

Published August 23, 2023

7 people are currently reading
1 person want to read

About the author

DEVENDRA PRASAD

36 books2 followers

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
1 (33%)
4 stars
0 (0%)
3 stars
1 (33%)
2 stars
1 (33%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.

Can't find what you're looking for?

Get help and learn more about the design.