राजनगर का जाना माना रईस ईश्वर लाल एक दिन अचानक घर से गायब हो गया था । आम धारणा यह थी कि वो अपनी कर्कशा और झगड़ालू बीवी से तंग आकर भागा था और उसके साथ कोई नौजवान लड़की भी थी जिसके साथ उसका रोमांस चल रहा था । दस साल बाद जब उसने अचानक फोन पर प्रकट होकर जिनसे मिलने की इच्छा जाहिर की थी उनमें से ब्लास्ट का रिपोर्टर सुनील भी एक था ।
Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
दूसरी हत्या सुनील श्रृंखला का तेरालीसवाँ उपन्यास है। यह एक रहस्यकथा है।उपन्यास में रहस्य अंत तक बना रहता है और जिस तरह से सुनील असल बात तक पहुँचता है वह भी काफी रोचक है। उपन्यास मुझे पसंद आया और अगर आप रहस्यकथाओं के शौक़ीन हैं तो यह उपन्यास आपको निराश नहीं करेगा। मेरे विस्तृत विचार आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं: दूसरी हत्या
कहानी जोरदार है क्योंकि इस को बड़े ही तार्किक ढंग से पेश किया गया है। रहस्यमय परिस्थितियों को काफी खुबसुरती से बुना गया है हालांकि अंत मे आभास हो जाता है कि कातिल कौन है।