महेश कुमार एक बड़े उद्योगपति का ऐय्याश और बिगडैल बेटा था । शहर से दूर स्थापित अपने एक काटेज में लड़कियों को बुलाना और उनके साथ अपनी मनमानी करना महेश कुमार का पसंदीदा शगल था । फिर एक रात महेश कुमार की गोली से बिंधी लाश उसी के काटेज में पाई गयी और अब पुलिस का मानना था कि ऐसी ही किसी लड़की ने जिस पर उसकी पेश नहीं चली थी उसकी ईह-लीला समाप्त कर डाली थी ।
Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
एक मर्डर और कई संदेहजनक व्यक्ति हैं। लेकिन कत्ल तो किसी एक ने ही किया था। आखिर वह कातिल कौन था? सुनील सीरीज का यह उपन्यास रोचक और पठनीय है। www.svnlibrary.blogspot.com
बहुत मज़ा आया । शुरू से अंत तक कहानी की रफ़्तार बरकरार रही । कहीं पर भी बोर न किया । अब तक के (1 से 16) उपन्यासों में से ये उपन्यास बढ़िया रहा । रहस्य की परतें भी काफ़ी होने के कारण पाठक इसे एन्जॉय करेगा ।