अगर मुझे ठीक से याद है तो मैंने कविता लिखना शुरू किया था वर्ष 2013 में, जब मैंने कॉलेज ज्वाइन किया था। उसके बाद से कविता मेरे लिए हर तरह के दुःख-दर्द से पलायन का माध्यम रही है। इस संग्रह में पिछले दस सालों में अलग-अलग मौकों पर लिखी मेरी कविताएँ शामिल है। कविताओं के विषय और फॉर्म, दोनों में आपको बहुत विविधता देखने को मिलेगी। प्रेम से लेकर राजनीति पर कविताओं तक, अस्तित्ववाद से लेकर अमूर्तवाद तक, हल्की-फुल्की कविताओं से लेकर गंभीर कविताओं तक, सब तरह की कविताएँ आपको यहाँ मिलेगी।
आपसे अनुरोध है कि किताब पढ़ने के बाद इसका रिव्यु/समीक्षा जरूर साझा करें, मेरे साथ भी और अपने दोस्तों के साथ भी।