Hindi and Regional Languages Literature discussion

20 views
२०१५ में पढ़ी गयी पुस्तकें

Comments Showing 1-21 of 21 (21 new)    post a comment »
dateDown arrow    newest »

विकास नैनवाल | 53 comments यहाँ आप २०१५ में पढ़ी गयी पुस्तकों की सूची बना सकते हैं। क्यूँकी ये हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओँ का ग्रुप है तो आशा है कि सूची में उन्ही भाषाओं की किताबें शामिल होंगी।


message 2: by विकास (last edited Feb 04, 2015 03:10AM) (new)

विकास नैनवाल | 53 comments १)प्रतिनिधि कहानियाँ - फणीश्वरनाथ रेणु
रेणु जी को आंचलिक साहित्य का प्रतिनिधि माना गया है। इस संग्रह में उनकी कहानियाँ गाँव और उसमे आई तब्दीलियों को दर्शाती है। कहानियाँ ज्यादातर गाँव से सम्बन्ध रखती हैं और ग्राम्य जीवन में उनकी पकड़ को दर्शाती है।
२)जो लरे दीन के हेत - सुरेन्द्र मोहन पाठक
पाठक जी कि विमल सीरीज का ४२ वाँ उपन्यास। विमल ने मुंबई के अपराध जगत का खात्मा कर दिया है। अब वो पत्नी के साथ एक शांतिपूर्वक जीवन बिताना चाहता है। लेकिन उसके अतीत से जुड़े कुछ लोग उससे बदला लेने को उतारू हैं। क्या होंगे वो सफल ?
३)ययाति - विष्णु सखाराम खांडेकर
ये उपन्यास वैसे तो मराठी में लिखा था लेकिन मैंने इसका हिंदी अनुवादित संस्करण पढ़ा। यह उपन्यास महाभारत के किरदार ययाति की कहानी है। एक अच्छा उपन्यास।

४) पंजाबी की श्रेष्ठ कहानियाँ
विजय चौहान के द्वारा सम्पादित इस संग्रह में पंजाबी के दिग्गज कथाकारों की कहानियों का हिंदी अनुवाद किया हुआ है। अच्छा संग्रह। मुझे पंजाबी के कई साहित्यकारों के विषय में पता चला जिनकी रचनाओं को मैं पढ़ने की कोशिश करूँगा।

५)कुबड़ा - वेद प्रकाश शर्मा
वेद प्रकाश शर्मा का ये उपन्यास अच्छा लगा। कहानी में काफी घुमाव थे। पढ़कर अच्छा लगा। लेकिन अगर आप यथार्थवादी उपन्यास पढ़ना चाहते हैं तो आपको ये उपन्यास पसंद नहीं आएगा। उपन्यास का आनंद लेने के लिए कई चीज़ों को नज़रंदाज़ करना पढ़ेगा।

६)नील छवि - महाश्वेता देवी
एक तेज गति से चलने वाला कथानक। एक संवादाता और कलकत्ता में फैला हुआ ड्रग्स और ब्लू फिल्मस का जाल ही इस उपन्यास की कहानी बनता है। एक बेहतरीन उपन्यास।

७) साँपों के शिकारी - इब्ने सफ़ी
एक रोचक उपन्यास। उपन्यास छोटा था लेकिन कहीं भी बोरियत का एहसास नहीं हुआ। एक बार पढ़ना शुरू किया तो ख़त्म करने के बाद ही रुका। इस उपन्यास को पढने के बाद इमरान सीरीज के अन्य उपन्यासों की तरफ भी तवज्जो दूँगा।


message 3: by [deleted user] (new)

Have just finished reading Narendra Kohali's 'Opportunity' from the Ram-katha series. It's English translation of his Hindi book Avasar.
Narendra Kohli has his own unique style of retelling mythology which I like much more than that of the modern writers like Amish. I wonder how he manages to use the same plot to tell an altogether different kind of story and potraying the same characters so differently and yet so brilliantly. The book is at par with his other famous works in the Mahasamar series. THe translation could have been better but not bad at all.


message 4: by विकास (last edited Jan 29, 2015 09:01PM) (new)

विकास नैनवाल | 53 comments कोहली जी के पौराणिक गाथाओं के ऊपर लिखे उपन्यासों की तारीफ मैंने भी बहुत सुनी है। उन्हें उनका बेहतरीन काम माना जाता है, मौका मिलते ही ज़रूर पढ़ूँगा।


message 5: by [deleted user] (new)

Finished reading Tushar Upreti's 'The days of childhood'. Here's my review.

http://www.sandeepnayyar.com/#!blogge...


विकास नैनवाल | 53 comments रामदरश मिश्र जी की बिना दरवाज़े का मकान पढ़ी। उसके विषय में मेरे विचार :
बिना दरवाज़े का मकान


विकास नैनवाल | 53 comments कौन जीता कौन हारा - रीमा भारती

रीमा भारती आई एस सी की एजेंट है। संयोगवश वो लश्करे तैयबा की ऐसी साजिश का पता लगा लेती है जो अगर कामयाब हो जाए तो भारत को बहुत नुक्सान पहुँचायेगी। क्या रीमा इस साजिश को नाकामयाब करने में सफल होती है? यही उपन्यास की कहानी है। उपन्यास रोमांच और एक्शन से भरपूर है। अगर रोमांचक उपन्यास आपको पसंद हैं तो ये उपन्यास भी पसंद आएगा। मेरे विस्तृत विचार इधर जाकर पढ़ सकते हैं :
कौन जीता कौन हारा


विकास नैनवाल | 53 comments वहशी - सुरेन्द्र मोहन पाठक
एक वहशियाना क़त्ल,एक बेगुनाह लड़का,और एक नौसीखिया वकील, जब ये सब मिले तो बना ये रोमांचक उपन्यास।
मेरे विस्तृत विचार इधर जाकर पढ़ सकते हैं :
वहशी - सुरेन्द्र मोहन पाठक


विकास नैनवाल | 53 comments अभी तो केवल इतना कहूँगा उपन्यास मुझे बेहद पसंद आया । जो व्यक्ति ग्राम्य जीवन से परिचित हैं वो अतरपुर के लोगो में शायद अपने गाँव की छवि देखें और जिन्होंने ग्राम्य जीवन को अनुभव नहीं किया है उन्हें शायद एक नया अनुभव मिलेगा । ग्राम्य जीवन और वहाँ की राजनीती और सामाजिक व्यवस्था का सजीव चित्रण इधर किया गया है।
आप मेरे पूरे विचार इधर जाकर पढ़ सकते हैं :
चाक


message 10: by [deleted user] (new)

Have just finished Satya Vyas' Hindi Novel 'Banaras Talkies'. The story is set in BHU Campus and hostels. Satya Vyas is himself a BHU alumnus. A good humorous light read. Will review soon.


message 11: by विकास (new)

विकास नैनवाल | 53 comments नरेन्द्र कोहली जी का उपन्यास साथ सहा गया दुःख पढ़ा।
उपन्यास बहुत मार्मिक है और एक संवेदनशील विषय पर लिखा गया है। उपन्यास के पात्र जीवंत हैं और आप रोजमर्रा के जीवन में अमित और सुमन जैसे लोगों से रूबरू होते हैं। उनकी परेशानियाँ वो ही हैं जो आपसी ताल मेल बैठाने से पहले हर जोड़े को होती हैं। यह जोड़ा जिस दुःख का सामना करता है और फिर जो बदलाव उसमें आता है उसका चित्रण उपन्यास में बहुत अच्छे ढंग से किया है। उपन्यास को पढने की सलाह मैं हर किसी को दूँगा।
आप इस उपन्यास के विषय में मेरे पूरे विचार इधर पढ़ सकते हैं ।


message 12: by [deleted user] (new)

सत्य व्यास के बहुचर्चित उपन्यास 'बनारस टॉकीज़' की समीक्षा मेरी वेबसाइट पर

http://www.sandeepnayyar.com/#!blogge...


message 13: by विकास (new)

विकास नैनवाल | 53 comments मिडनाइट क्लब - सुरेन्द्र मोहन पाठक
उपन्यास मुझे काफी अच्छा लगा और पूरा पैसा वसूल लगा। जीतसिंह के साथ क्लब्स में घूमना भी एक जीवंत अनुभव था। जीतसिंह के दिमागी तिकड़म भिड़ाने के तरीके ने मुझे प्रभावित किया। और उपन्यास के कथानक ने रोमांचित किया। इसके इलावा मेरी तो एक थ्रिलर उपन्यास से कोई दूसरी माँग नहीं होती है। मेरे लिए ये उपन्यास एक उम्दा थ्रिलर उपन्यास है जिसे मैं आगे चलकर दोबारा पढ़ूँगा।
मेरे पूरे विचार आप निम्न लिंक पर जाकर ले सकते हैं:
मिडनाइट क्लब


message 14: by विकास (new)

विकास नैनवाल | 53 comments एक रहस्य और रोमांच से लबरेज उपन्यास जो पाठक को कहीं भी बोरियत का एहसास नहीं होने देता है।
उपन्यास के विषय में मेरी पूरी राय आप निम्न लिंक पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं :
जाल


message 15: by [deleted user] (last edited Mar 24, 2015 12:13PM) (new)

फिलहाल धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता पढ़ रहा हूँ। बहुत ही दिलचस्प और उम्दा उपन्यास है।


message 16: by विकास (last edited Mar 25, 2015 11:54AM) (new)

विकास नैनवाल | 53 comments Sandeep wrote: "फिलहाल धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता पढ़ रहा हूँ। बहुत ही दिलचस्प और उम्दा उपन्यास है।"

जी बेहतरीन उपन्यास है। पिछले साल पढ़ा था। सोचा कुछ लिखूँ उसके विषय में अपने blog पर लेकिन फिर सोचा अगले साल जब दोबारा पढ़ूँगा तब लिखूँगा। ऐसा ही हाल काशीनाथ सिंह जी के 'काशी का अस्सी'(वक्त और राजनीति के साथ बदलते कशी के अस्सी घाट पर उपन्यास) और अभिमन्यु अनत जी के 'लाल पसीना'(मॉरिशस में कुली के रूप में लाये गये भारतियों के संघर्ष की करुणगाथा) और प्रेमचंद जी के 'गौदान' के साथ भी हुआ था। मौका लगे तो इन कृतियों को भी ज़रूर पढ़िएगा।


message 17: by [deleted user] (new)

विकास wrote: "Sandeep wrote: "फिलहाल धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता पढ़ रहा हूँ। बहुत ही दिलचस्प और उम्दा उपन्यास है।"

जी बेहतरीन उपन्यास है। पिछले साल पढ़ा था। सोचा कुछ लिखूँ उसके विषय में अपने blog पर लेकि..."


काशी का अस्सी का बहुत नाम सुना है. लाल पसीना का भी. ज़रूर पढ़ूँगा. गोदान तो खैर पढ़ी हुई है ही.


message 18: by विकास (last edited Mar 25, 2015 08:23PM) (new)

विकास नैनवाल | 53 comments दलाल की बीवी
उपन्यास मुझे काफी पसंद आया। पात्र जीवंत हैं, उनकी परेशानियाँ भी यथार्थ के निकट ही प्रतीत होती हैं। हाँ, बस ऐसा लगा कि सब कुछ जल्दी में समेटा गया है। बिंदिया और रूपा कि कहानी एक अलग उपन्यास बन सकती थी और ऐसे ही हर किसी किरदार के विषय में कहा जा सकता है। ये संक्षिप्त में कहानी का कहना एक अधूरेपन का एहसास दिला सकता है। ऐसा लगता है मानो कई चीजों की जिनकी गहराई में उतरने कि ज़रुरत थी उन्हें सतही तौर पर छूआ गया हो। लेकिन इसका मतलब ये नहीं उपन्यास अच्छा नहीं है। उपन्यास बेहतरीन है। इसके पात्र इतने रोचक हैं कि मैं चाहता था कि उनके विषय में गहराई से जान पाऊँ। क्या आपको यह उपन्यास पढ़ना चाहिए? मैं तो कहूँगा हाँ ज़रूर।
उपन्यास के विषय में मेरे पूरे विचार आप अगर चाहें तो निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं:
दलाल की बीवी


message 19: by विकास (new)

विकास नैनवाल | 53 comments एक हसीना थी - ओम प्रकाश शर्मा
रेटिंग : २.५/५
उपन्यास की शुरुआत तो बेहतरीन थी और मुझे लगा कि लेखक इस रोमांच को उपन्यास के अंत तक बना के रखेगा लेकिन अफ़सोस ऐसा हुआ नहीं। यह कहानी ऐसी थी कि इसे और भी बेहतर तरीके से कहा जा सकता था। उपन्यास के कुछ हिस्से रोमांचक हैं जिन्हें पढने में मज़ा आया इसलिए इसकी रेटिंग १.५ से २.५ तक करी गयी।
खैर, इस उपन्यास के विषय में मेरे पूरे विचार आप इधर जाके पढ़ सकते हैं :
एक हसीना थी


message 20: by [deleted user] (new)

धर्मवीर भारती जी का 'गुनाहों का देवता' पढ़ा. एक बेहतरीन क्लासिक. कहानी सुधा और चंदर के मासूम और पवित्र सम्बंध की है जो कब प्यार मे ढल जाता है वह उन्हे भी पता नहीं चलता. भारती जी ने मानवीय संवेदनाओं को बहुत बारीकी से पकड़ा है. बेहद उम्दा उपन्यास।


message 21: by विकास (last edited Jul 30, 2015 11:51AM) (new)

विकास नैनवाल | 53 comments बनारस टॉकीज़

रेटिंग : ४/५
उपन्यास मुझे बहुत पसंद आया। उपन्यास का कथानक रोचक है और पढ़ते वक़्त इसने मुझे अपने हॉस्टल के दिनों की याद दिला दी। आप लोगो इस उपन्यास को ज़रूर पढना चाहिए।
मेरे पूरे विचार आप इधर जाकर पढ़ सकते हैं :
बनारस टॉकीज़


back to top